एक ईदगाह, दो कमेटी,नसरुल्लागंज में इबादत से ज्यादा पद की जंग।
एक ईदगाह, दो कमेटी,नसरुल्लागंज में इबादत से ज्यादा पद की जंग ।।
नसरुल्लागंज की ईदगाह बीते छह माह से इबादत नहीं बल्कि कमेटियों की खींचतान का अखाड़ा बनी रही। हालात ऐसे बने कि एक ही ईदगाह पर एक नहीं, दो-दो कमेटियों ने अपना-अपना हक जता दिया।बिना पुरानी कमेटी को कानों-कान खबर दिए भोपाल वक्फ बोर्ड से नई कमेटी का गठन करवा लिया गया। जैसे ही यह बात सामने आई तो विवाद भड़क उठा और मामला सीधे टकराव में बदल गया।इस पद की लड़ाई का सबसे बड़ा नुकसान ईदगाह के विकास कार्यों को हुआ। बाउंड्री वॉल सहित तमाम काम बीच में ही ठप कर दिए गए, जबकि शहरभर में यह सवाल गूंजता रहा कि आखिर जिम्मेदार कौन है?आज विवाद पर अस्थायी विराम जरूर लग गया है। सहमति बनी कि वक्फ बोर्ड से गठित नई कमेटी निष्क्रिय रहेगी और पहले से चली आ रही कमेटी ही ईदगाह के कामकाज को संभालेगी।लेकिन बड़ा सवाल अब भी जस का तस है—
जब गठित कमेटी ही नहीं रहेगी, तो जवाबदेही किसकी होगी?क्या आने वाले वक्त में यही मामला फिर नया विवाद खड़ा करेगा?फिलहाल शांति है, लेकिन नसरुल्लागंज की ईदगाह में “एक नहीं, दो कमेटी” का विवाद फिर कोई नया मोड़ लेगा या फिर यह सब यूही चलता रहेगा।उधर वफ्फ वोर्ड कमेटी के अध्यक्ष सनाव्वर पटेल का कहना है कि मुझे इस बारे फिलहाल जानकारी नही है पर ऐसा हो रहा है तो यह अनलिगल है हम इसे दिखवाते है।