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आष्टा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप, जी न्यूज़ के रिपोर्टर प्रमोद शर्मा के खिलाफ ज्ञापन।।

आष्टा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप, जी न्यूज़ के रिपोर्टर प्रमोद शर्मा के खिलाफ ज्ञापन सोपा

आष्टा (सीहोर)।

देश में नफरत फैलाने के आरोपों में घिरे जी न्यूज़ के रिपोर्टर प्रमोद शर्मा के खिलाफ आष्टा में हिंदू संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि रिपोर्टर द्वारा की गई कथित भड़काऊ रिपोर्टिंग से आष्टा की वर्षों पुरानी गंगा-जमुनी तहज़ीब को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि बीते दिनों आष्टा में एक मामूली बात को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी, लेकिन दोनों पक्षों ने अपने-अपने स्तर पर विरोध दर्ज कराने के बाद संयम बरता। आष्टा पुलिस एवं जिला प्रशासन की सूझबूझ, त्वरित हस्तक्षेप और समझाइश से स्थिति पर तत्काल नियंत्रण पा लिया गया और मामला शांत हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब प्रशासन विवाद को शांत कर चुका था, उसी दौरान जी न्यूज़ के रिपोर्टर प्रमोद शर्मा कथित तौर पर माहौल को भड़काने की नीयत से कवरेज करने आष्टा पहुंचे। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो आष्टा का शांत वातावरण बिगड़ सकता था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो-तस्वीरें, कथित “नाटक” का खुलासा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लोगों का आरोप है कि जिस दिन रिपोर्टर कवरेज के लिए आष्टा पहुंचे थे, उस दौरान पुलिस उन्हें समझाइश देकर थाने ले गई थी, जहां वे और उनका कैमरामैन सामान्य रूप से घूमते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए। आरोप है कि इसके बावजूद थाने से जाने के बाद रिपोर्टर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और स्वयं को मारपीट का शिकार बताते हुए अस्पताल में भर्ती हो गए।
लोगों का कहना है कि वायरल फुटेज ने कथित तौर पर इन आरोपों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई यूज़र्स उन्हें “नफरत फैलाने वाला” और “नाटकबाज़” तक कह रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई की मांग, निष्पक्ष जांच जरूरी
हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, कथित झूठे आरोपों, नफरत फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों को लेकर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही रिपोर्टर की मेडिकल जांच और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।
सवालों के घेरे में “नफरत की पत्रकारिता”
लोगों का कहना है कि देश में छोटे-छोटे विवादों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की प्रवृत्ति बेहद खतरनाक है। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे कथित नफरती एजेंडे के तहत पत्रकारिता के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास किया जाता रहेगा?
आष्टा जैसे शांतिप्रिय नगर की गंगा-जमुनी संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा—ऐसा स्पष्ट संदेश अब जनता और संगठनों की ओर से दिया जा रहा है।

BJ-2589 2025-12-31 17:01:57 सीहोर
  • आष्टा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप, जी न्यूज़ के रिपोर्टर प्रमोद शर्मा के खिलाफ ज्ञापन।।

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