अमेरिका भारत को 25% पेनल्टी टैरिफ वापस करेगा।
अमेरिका भारत को 25% पेनल्टी टैरिफ वापस करेगा।
दिल्ली 09 फरवरी : अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने न सिर्फ टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% किया है, बल्कि रूस से तेल इम्पोर्ट के कारण पेनल्टी के रूप में लगाए गए 25% टैरिफ को वापस करने का भी फैसला लिया है।
इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 27 अगस्त 2025 से लेकर 6 फरवरी 2026 के बीच अमेरिका द्वारा किए गए जिन इम्पोर्ट पर यह पेनल्टी लगी थी, उनका रिफंड दिया जाएगा।
यह रिफंड अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत जारी किया जाएगा। भारतीय निर्यातकों को कितना रिफंड मिलेगा, ये अभी तय नहीं है। क्योंकि रिफंड की राशि अमेरिकी इम्पोर्टर को दी जाएगी, फिर वे भारतीय एक्सपोर्टर के साथ बातचीत करके इस राशि का बंटवारा करेंगे।
₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद
सवाल: अमेरिका से कितना रिफंड वापस मिल सकता है?
जवाब: US ट्रेजरी के अनुसार अमेरिका ने विदेश से आयातित वस्तुओं पर 2024 में 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका के आयात में भारत की हिस्सेदारी 3.5% है।
भारत से अमेरिकी निर्यात का 60% हिस्सा टैरिफ दायरे में। इस हिसाब से देखें तो अब तक अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाकर करीब 4 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) अतिरिक्त वसूले हैं। यही राशि रिफंड होगी, जिसमें भारतीय कारोबारियों को भी हिस्सा मिलेगा।
भारत पर नजर के लिए टास्क फोर्स गठित
ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते के ढांचे के अनुसार भारत रूस से तेल का आयात दोबारा शुरू न करे, इस पर निगरानी रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन मंत्रियों की एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
इसमें वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। इस समिति को लगता है कि भारत ने रूस से तेल का इम्पोर्ट दोबारा शुरू कर दिया है, तो वह राष्ट्रपति ट्रम्प को दोबारा 25% पेनल्टी लगाने और अन्य कार्रवाई करने के लिए सिफारिश कर सकती है।
कृषि मंत्री ने बताया, कहां-कहां एंट्री नहीं दी?
ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी उत्पाद ट्रेड डील में शामिल नहीं है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि अमेरिका को किन चीजों पर टैरिफ छूट नहीं दी है और किन चीजों को भारत में एंट्री नहीं दी गई है। बिना छिलके वाले अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, संतरा, अंगूर, नीबू और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां भारत में प्रवेश नहीं करेंगी।
पीयूष गोयल बोले- ट्रेड डील से किसानों की आय बढ़ेगी
अमेरिका से ट्रेड डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि यह लेन-देन का मामला है। अगर मैं कुछ भी नहीं दूंगा, तो अपने किसानों के लिए अमेरिका में बाजार कैसे खोलूंगा? अमेरिकी बाजार खुलने से हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। अगर कोई कहता है कि दो पन्नों के संयुक्त बयान में सुरक्षा नहीं है, तो वो गुमराह कर रहा है। अभी कई बातों पर स्पष्टता बाकी है।
अब भारत उन देशों में शामिल, जिन पर सबसे कम टैरिफ
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने NDTV से बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- कुछ तकनीकी कागजों पर अगले कुछ दिनों में दस्तखत होंगे, लेकिन डील लगभग तय है।
गोर ने कहा- यह टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच कई सालों से चली आ रही मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम है। पहले भारत पर काफी ज्यादा टैरिफ लगता था, लेकिन अब भारत उन देशों में आ गया है जिन पर कम टैरिफ है।
राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी की दोस्ती इस डील को पूरा करने में सबसे बड़ी वजह बनी। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों का अगला दौर शुरू होगा।
इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि अमेरिका, भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया वह एक्स्ट्रा टैरिफ हटा देगा, जो रूस से तेल खरीदने के बदले सजा के तौर पर लगाया गया था।