अफगानिस्तान 02 फरवरी : अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। तालिबानी डॉक्टरों को धमकी देते हैं कि दवा दी तो क्लीनिक बंद करा देंगे।
देशभर में क्लीनिक भी बंद हो रहे हैं। महिलाओं को गर्भधारण या मिसकैरेज का इलाज नहीं मिल पा रहा। बदगीस प्रांत की एक निजी क्लीनिक में चेतावनी देते हुए सभी दवाएं नष्ट कर दी गईं।
जवजजान प्रांत में 30 साल से क्लीनिक चला रही एक डॉक्टर कहती हैं, तालिबान के सत्ता आने के बाद गर्भनिरोधक गोली तेजी से खत्म हो रही हैं। यहां 70 में से 30 महिलाओं को इसकी जरूरत होती थी, अब हम कह देते हैं कि हमारे पास कुछ भी नहीं है। कंधार प्रांत सहित कई जगहों पर सीधे पुरुष डॉक्टरों से इलाज लेने पर सख्ती है।
ये तीन कहानियां, जो उम्रभर का दर्द बढ़ा रहीं
उम्र 36 साल, 9 बच्चे: 36 साल की परवाना अब अपने बच्चों को पहचान ही नहीं पाती। कंधार के गांव में अपनी मां के घर पर बैठी, वह चुपचाप हिलती रहती हैं। नौ बार गर्भवती और छह बार मिसकैरेज हो चुका है। पति और ससुराल वालों के दबाव में परवाना मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी हैं। उनकी मां शरीफा कहती हैं, उन्हें डर और लगातार प्रेगनेंसी ने तोड़ दिया है।
उम्र 42 साल, 12 बच्चे: कंधार की 42 साल की शकीबा। 12 बच्चों की मां हैं। वे बताती हैं कि अब उन्हें उठना भी मुश्किल होता है। हड्डियों में दर्द रहता है। पति किसी भी गर्भनिरोधक को लेने से साफ मना कर देते हैं।
29 साल की उम्र में ही हालत बदतर : 29 साल की जरघोना भूकंप के बाद तंबू में रहने लगी थीं। लगातार तीन दिन टॉयलेट नहीं जा सकीं। उन्हें आंत की समस्या हुई। डॉक्टरों ने चेताया कि अब गर्भवती हुई, तो जान जा सकती है। लेकिन एक साल बाद फिर गर्भ ठहर गया। बच्चे को जन्म दिया। जान तो बच गईं, लेकिन अब रक्तस्राव से जूझ रही हैं।
चिकित्सा सुविधा न के बराबर, फंडिंग भी बड़ी समस्या
संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन(WHO) के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पिछले साल कम होने से 440 से ज्यादा अस्पताल और क्लिनिक बंद हो गए। ग्रामीण इलाकों में महिलाएं कई घंटे चलकर क्लिनिक तक पहुंचती हैं।
महिलाएं अकेले ही घर पर जन्म देती हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली 80% महिलाएं कुपोषित हैं। उनमें एनीमिया, विटामिन की कमी और लो ब्लड प्रेशर है।
UP 24 जनवरी : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 6 दिन से प्रयागराज माघ मेले में धरने पर बैठे हैं। वो कहते हैं- मुस्लिमों में जो धर्मगुरु होता है, वही खलीफा (राष्ट्र का अध्यक्ष) होता है। हिंदू धर्म में खलीफा परंपरा को लाया जा रहा है।
सनातन में कालनेमि वाले बयान पर शंकराचार्य ने कहा- चोला तो साधु का है और गोहत्या हो रही है। अब आप बताइए कि कालनेमि कौन है?
केशव प्रसाद मौर्य के विवाद को विराम देने के निवेदन पर वह कहते हैं- ये BJP की प्रारंभिक भावना को प्रदर्शित करने वाला बयान है, मगर आज वाली BJP लोगों को स्वीकार नहीं।
गंगा स्नान पर वह कहते हैं- आदर से स्नान की परंपरा है, निरादर से स्नान की परंपरा नहीं है। रामभद्राचार्य ने कहा- एडमिनिस्ट्रेशन ने नोटिस देकर सही किया, इस पर शंकराचार्य ने कहा- उनकी बात मत करिए, वो दोस्ती निभा रहे हैं
एमपी को 8 राष्ट्रीय राजमार्गों की बड़ी सौगात, 4400 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे नितिन गडकरी
सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी करेंगे शिलान्यासभोपाल 17 जनवरी : एमपी को 8 राष्ट्रीय राजमार्गों की बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इन प्रोजेक्ट का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आज 17 जनवरी का दिन प्रदेश के लिए सौगात भरा होगा। आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 4400 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से निर्मित और प्रस्तावित राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। 181 किलोमीटर लंबे ये प्रोजेक्ट मध्यभारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के सड़क एवं परिवहन विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और ड्राइवरों को कुशल बनाने 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
लोकार्पित होने वाले सड़क प्रोजेक्ट
रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड
4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी लागत ₹418 करोड़यह प्रोजेक्ट ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो बैतूल से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करता है। पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का यह खंड दो-लेन था। इसे चौड़ा कर चार-लेन करने से करीब 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा। ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी। वन्यजीव संरक्षण के लिए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है।
2 देहगांव–बम्होरी मार्ग
लंबाई: 27 किमी
लागतः ₹60 करोड़
CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है। यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है।
इन प्रोजेक्ट का होगा शिलान्यास
भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई 42 किमी लागत ₹1,041 करोड़यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई 29 किमी लागत ₹543 करोड़इस प्रोजेक्ट से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड की 4-लेन रोड
लंबाई 36 किमी लागत ₹903 करोड़यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड की 4-लेन सड़क लंबाई: 10 किमी लागतः ₹731 करोड़
सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) 4-लेन रोड लंबाई 20.2 किमी लागत ₹688 करोड़
यह प्रोजेक्ट NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ेगी जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में करीब 70 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP) लंबाई 5 किमी लागत ₹122 करोड़
ब्लैकस्पॉट सुधार के लिए यह प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
दिल्ली : दिल्ली के गांधी विहार के एक घर में देर रात तेज ब्लास्ट हुआ और आग लग गई बात 5 अक्टूबर की है।। आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। तिमारपुर थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस को अंदर से बुरी तरह से झुलसी एक लाश मिली। लाश इतनी बुरी तरह जली थी कि हड्डियां तक पिघल गई थीं।
पुलिस ने डेडबॉडी को हिंदू राव अस्पताल भेजा। उसकी पहचान राजस्थान के रहने वाले रामकेश मीणा के तौर पर हुई, जो दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था। शुरू में लगा कि एयरकंडीशन का कंप्रेशर फटने से ब्लास्ट हुआ और आग लगी। घटना के करीब 20 दिन बाद खुलासा हुआ है कि ये ब्लास्ट AC में नहीं हुआ था बल्कि कराया गया था।
मर्डर की ये साजिश रामकेश मीणा की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता चौहान ने रची थी। दरअसल रामकेश और अमृता कुछ महीने लिव-इन में रहे थे। इस दौरान रामकेश ने उसके कुछ अश्लील प्राइवेट फोटोज और वीडियोज बनाए थे। पुलिस के मुताबिक अमृता ने कई बार वो लौटाने या डिलीट करने के लिए कहा, लेकिन रामकेश नहीं माना और ब्लैकमेल करने लगा।
लिहाजा अमृता ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप और उसके दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर पहले रामकेश का गला घोंटकर हत्या की। फिर कमरे में सिलेंडर ब्लास्ट कर उसकी लाश जला दी। पुलिस ने तीनों को मुरादाबाद से अरेस्ट कर लिया है। वहीं जांच में ये भी पता चला है कि रामकेश ने अमृता ही नहीं, बल्कि 10 से ज्यादा लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर रखे थे।सबकुछ पहले हादसा लगा रहा था, क्राइम सीन की पड़ताल में मर्डर का शक हुआ
पुलिस की शुरुआती जांच में अमृता की साजिश सफल भी रही, लेकिन आगे की जांच में सबूत मिटाने के तरीके ही पुलिस के लिए अहम सुराग बन गए।क्राइम सीन की पड़ताल में शक और गहराया। इसलिए सीसीटीवी फुटेज की जांच करी गई । उसमें कुछ संदिग्ध लोग दिखे। संदिग्धों के फोन लोकेशन की जांच हुई, तो घटनास्थल की ही निकली।
4-5 दिन बाद यूपी के मुरादाबाद से संदिग्धों के सुराग मिले। 3 लोगों को अरेस्ट किया, जिसमें राकेश की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता चौहान, उसका साथी सुमित कश्यप और संदीप कुमार शामिल हैं।
अमृता के पास से रामकेश की हार्ड ड्राइव, कपड़े और एक ट्रॉली बैग भी मिला। तीनों मुरादाबाद के रहने वाले हैं। अमृता पहले सुमित की गर्लफ्रेंड रह चुकी है। सुमित एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी करता है। इसलिए उसे पता था कि गैस सिलेंडर में कैसे ब्लास्ट करना है।‘
‘पूछताछ में अमृता ने कबूला भी है कि रामकेश के पास उसके कुछ अश्लील वीडियो थे, जिसे वो डिलीट नहीं कर रहा था न ही उसे दे रहा था। इसलिए तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की।
रिपोर्ट दैनिक भास्कर के आधार पर।
भोपाल: आखिर 28 अक्टूबर को सोना चांदी के दामो मे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोने की कीमत ₹3040 घटकर ₹1,18,043 पर आ गई है। इससे पहले सोने के दाम ₹1, 21,077 थी। वहीं बात करे चांदी की तो चांदी के दाम ₹3135 गिर गए हैं। IBJA की सोने की कीमतों मे 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मुनाफा शामिल नही होता है। इस रेट का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉण्ड के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।
पिछले 8 दिनों मे सोना 11541 रुपए सस्ता हुआ है अब सोना ₹1,18,043 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया है। जबकि 19 अक्टुबर को इसकी कीमत ₹1,29,584 अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर थी। वहीं चांदी ₹1,69,230 प्रति किलो से घट कर अब ₹1,41, 896 प्रति किलो पर आ गई है यानी चांदी मे 27,334 रुपए की गिरावट आ गई है।सोना चांदी मे गिरावट के 3 कारण सामने आए
1. भारत मे सीजनल खरीदी का खत्म होना: दीपावली जैसे त्योहार पर सोने चांदी की खरीदी का सिलसिला थम गया जिसके कारण डिमांड मे कमी आई।
2. ग्लोबल टेंशन मे कमी: सोना चांदी को 'सेफ-हेवन' माना जाता है, यानी मुश्किल समय मे लोग इसकी खरीद फ़रोक्त करते हैं। ग्लोबल टेंशन के कम होने से इसमे गिरावट आई।
3. प्रॉफिट- टेकिंग और ओवरबॉट सिग्नल: रैली के बाद निवेशक प्रॉफिट बुक कर रहे हैं। टेक्निकल इंडीगेटर्स जैसे रीलेटिव स्ट्रैंथ इंडेक्स (RSI) दिखा रहे थे की कीमतें ओवरबॉट (कीमतें ज़्यादा बढ़ जाना) ज़ोन मे पहुँच चुकी थी। इसलिए ट्रेंड फॉलोवर्स और डीलर्स ने बिकवाली शुरू कर दी।
इस साल सोना ₹41,881 और चांदी ₹55,879 महंगी हुईइस साल सोने की कीमत अभी तक ₹41, 881 बढ़ी है 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना प्रति 10 (तोला) ₹76,162 था, जो की बढ़ कर ₹1,18, 043 हो गया।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है
1. हमेशा सर्टीफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का होल्मार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें।
2. क़ीमत क्रास चेक करें: सोने का वज़न और खरीदने के दिन उसकी कीमत ज़रूर चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
सिहोर/भैरूदांः दरसल बीते दिनो लाड़कुई वन परिक्षेत्र से बिना नंबर के लोडिंग पिकप वाहन से सागोंन कि सिल्लियों का परिवहन हो रहा था जिसकी खबर कबरेज कर पत्रकारो ने दिखाई और शासन प्रशासन व आम जनता तक पंहुचाई थी। खबर दिखाने के बाद वन विभाग के लोग बौखला गये और खबर कबरेज करने वाले पत्रकारो पर शासकीय कार्य मे बाधा की झूटी शिकायत दर्ज कराई जिसकी जांच जारी है लेकिन दैनिक जागरण व नव भारत समाचार पत्र के भैरूदां संवाददाता ने पत्रकारिता कि सभी हदे पार करते हुए ARK न्यूज़ के संपादक रियाज खान एवं ARK न्यूज़ MP ब्यूरो आमीन मंसूरी की छबि धूमिल करने कि नियत से तथाकथित पत्रकार बताते हुए वन माफिया लिख कर दैनिक जागरण एवं नव भारत समाचार पत्र मे खबर प्रकाशित कर रियाज खान एवं आमीन मंसूरी कि छबि धूमिल कर मान सम्मान को ठेस पंहुचाई है इसी को लेकर पत्रकार रियाज खान ने दैनिक जागरण के संपादक एवं स्थानीय पत्रकार नरेन्द्र खंडेलवाल व नव भारत समाचार पत्र के संपादक व स्थानीय संवाददाता अरुण सोनी को मानहानि का नोटिस भैजा।