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भोपाल में वकीलों ने रेप के आरोपी को पीटा, आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़का


भोपाल 3 फरवरी :   जिला कोर्ट परिसर में वकीलों ने 11वीं की छात्रा से रेप-ब्लैकमेलिंग के आरोपी को पीट दिया। कोहेफिजा पुलिस सोमवार को आरोपी ओसाफ अली खान को कोर्ट में पेश करने लेकर आई थी। इस बीच वहां मौजूद वकीलों की भीड़ ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।

हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो 2 फरवरी का बताया जा रहा है।

आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़का
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी को देखते ही वकीलों का गुस्सा भड़क उठा। कुछ वकीलों ने आरोपी को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश की और उसके साथ मारपीट की।

कोर्ट परिसर में शोर-शराबा और धक्का-मुक्की के चलते कुछ देर के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने बल प्रयोग कर किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला।

सहेली के जरिए दोस्ती की और फिर रेप किया
मामला तब सामने आया जब शाहपुरा स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा ने परिवार के साथ कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोहेफिजा थाना टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, आरोपी ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई।

पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया।

एक लाख रुपए की डिमांड कर ब्लैकमेल किया
आरोपी ने पीड़िता को पता चले बिना रेप के दौरान उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से घबराई छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए।

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भोपाल 31 जनवरी :  गौतम नगर में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्चा अचेत अवस्था में घर की बालकनी में खून से लथपथ मिला था।

शुक्रवार रात करीब 1:50 बजे परिजनों ने बच्चों को देखा और इलाज के लिए अस्पताल ले गए। कमला नेहरू हॉस्पिटल में शनिवार सुबह करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। बॉडी का पीएम कराया जा रहा है।

गौतम नगर टीआई महेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक, 12 वर्षीय इब्राहिम पुत्र रिजवान लाला जेपी नगर में रहता था। उसके पिता बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करते हैं। देर रात अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।

जहां परिजनों ने बताया की बालकनी में अचेत अवस्था में बच्चा मिला था। आसपास खून बिखरा हुआ था। आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एफएसएल की टीम ने स्पॉट का मुआएना किया
बच्चे की मौत के बाद शनिवार सुबह एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और स्पॉट का मुआएना किया। वहीं पुलिस की अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि बच्चे के घर के बाहर आमतौर पर देर रात तक बाहरी युवकों का आना-जाना रहता था। उसके पिता से मेलजोल के लिए बड़ी संख्या में बाहरी युवक आते थे।

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भोपाल 23 जनवरी :  भोपाल का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। आरोप है कि दलालों के जरिए बिना वाहन मालिक की जानकारी और उपस्थिति के 13 लाख कीमत की टाटा 407 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद आरटीओ ने कागजों में तो वाहन को असली मालिक के नाम वापस कर दिया, लेकिन न तो आरोपी पर कार्रवाई हुई और न ही वाहन अब तक मालिक को वापस मिल सका। आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि वाहन स्वामी की ओर से ऑनलाइन आवेदन किया गया था। उसी आवेदन के आधार पर उस समय पदस्थ आरटीओ द्वारा वाहन के ऑनलाइन ट्रांसफर की सूचना दर्ज की गई थी।

2016 में खरीदी थी टाटा 407

सिद्धार्थ लेक सिटी निवासी धीरेन्द्र सिंह चौहान ने वर्ष 2016 में टाटा 407 खरीदी थी। उस समय वाहन की कीमत करीब 8.50 लाख रुपए थी। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर MP04 GB 0670 है। धीरेन्द्र ने यह वाहन दानिश नगर स्थित केरी सॉफ्ट लिमिटेड में किराए पर लगाया था।

किराया विवाद के बाद खुला फर्जीवाड़ा

धीरेन्द्र के अनुसार, शुरुआत में किराया समय पर मिलता रहा, लेकिन बाद में कंपनी संचालक विमल शुक्ला टालमटोल करने लगे। जब वाहन वापस मांगा गया तो बहाने बनाए जाने लगे। इसी बीच दिल्ली में कार बम धमाके की खबरें देखने के बाद उन्होंने एहतियातन अपने वाहन के ऑनलाइन दस्तावेज चेक किए। तब पता चला कि वाहन मार्च 2023 में मनोज कुमार पांडे के नाम ट्रांसफर हो चुका है।

न आरटीओ गए, न हस्ताक्षर किए

धीरेन्द्र का कहना है कि उन्होंने न तो आरटीओ जाकर कोई प्रक्रिया पूरी की और न ही किसी ट्रांसफर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इसके बावजूद वाहन किसी और के नाम दर्ज हो गया। इसके बाद उन्होंने थाना कटारा हिल्स और आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद कई दिनों तक थाने के चक्कर काटने पड़े, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन का ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद आरटीओ ने कागजों में वाहन को दोबारा धीरेन्द्र सिंह चौहान के नाम कर दिया।

ऑनलाइन आवेदन के आधार पर ट्रांसफर

आरटीओ जितेंद्र शर्मा के मुताबिक, वाहन अंतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से की गई थी। आवेदन के आधार पर तत्कालीन आरटीओ ने सिस्टम में ऑन ट्रांसफर की सूचना दर्ज कर दी। बाद में जब दोनों पक्ष आमने-सामने आए और मामला संदिग्ध पाया गया, तो पूरे प्रकरण की दोबारा सुनवाई की गई। आरटीओ का कहना है कि दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया। मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन अंतरण की सूचना को निरस्त कर दिया गया है और वाहन को फिर से असली मालिक के नाम दर्ज कर दिया गया। मगर इसमें वह दोबारा फिर से अपील कर सकते हैं

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भोपाल -  1 अधिकारी सहित 11 कर्मचारियों पर गो वध मामले में सख्त कार्यवाही

भोपाल 14 जनवरी :- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी अमले पर बड़ी कार्यवाही की गई है। भोपाल नगर निगम के 11 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निगम के स्लॉटर हाउस को भी बंद कर दिया गया है। स्लॉटर हाउस में गाय काटने के मामले में यह कार्यवाही की गई है। एक अधिकारी सहित 11 कर्मचारियों के निलंबन से निगम में खलबली मच गई।

मंगलवार को भोपाल नगर निगम की महापौर परिषद की बैठक में गोवध पर जमकर हंगामा हुआ। एमआइसी की बैठक में निगमाध्यक्ष किशन सूर्यवंशी अफसरों पर बरसे। उन्होंने कहा कि संगठनों ने इस मामले का खुलासा किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन हमारे अधिकारी चुपचाप बैठे रहे।

गोवध मामले में भोपाल नगर निगम की खासी किरकिरी हुई है। इसके बाद स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। निगम का कहना है कि अब वह शहर में जानवरों की स्लॉटरिंग के लिए कोई इंतजाम नहीं करेगा। शहर के बाहर व्यवस्था करने की जवाबदेही प्रशासन के जिम्मे की जा रही है।

निगम के कुल 11 कर्मचारियों को निलंबित किया

स्लॉटर हाउस केस पर निगम कर्मचारी और अधिकारी पर भी कार्यवाही की गाज गिरी है। मामले में लापरवाही बरतने पर निगम के कुल 11 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी गौर को भी निलंबित किया गया है। उन्हें हटाकर मूल शाखा में भेजा गया है।

इधर स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटाई करने वाली लाइव स्टॉक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और उसके मालिक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा वाला पर भी कार्रवाई की। कंपनी और असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया है।

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भोपाल 3 नवम्बर :  मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' का तीसरा और अंतिम दिन आज राजधानी भोपाल में सांस्कृतिक उल्लास और तकनीकी भव्यता का संगम पेश करेगा। लाल परेड ग्राउंड में सोमवार शाम को सुप्रसिद्ध सिंगर स्नेहा शंकर अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी, वहीं 2000 ड्रोन का शो एक बार फिर भोपाल के आसमान को रोशन करेगा। इस ड्रोन शो को विशेष रूप से दोबारा आयोजित किया जा रहा है। 

राज्य सरकार की पहल पर “अभ्युदय मध्यप्रदेश 2047” की थीम पर होने वाले इस भव्य ड्रोन शो में 2000 ड्रोन समन्वित रूप से आकाश में मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत, संस्कृति और विकास यात्रा को जीवंत करेंगे। यह शो “कन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स लिमिटेड” द्वारा तैयार किया गया है और सेंट्रल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अर्पित गोयल के निर्देशन में आयोजित हो रहा है।

15 मिनट के इस शो में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों और नवाचारों को 3D फॉर्मेशन के रूप में दिखाया जाएगा। जैसे भारत का मानचित्र, मध्यप्रदेश के जिले, महाकाल मंदिर, सिंहस्थ-2028, छलांग लगाता बाघ, उद्योग और इन्वेस्ट एमपी का लोगो, कृषि दृश्य, हाईवे, मेट्रो, हवाई जहाज के प्रतीक और अंत में “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” का दृश्य।

शाम 6:30 बजे से शुरू होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की भव्य प्रस्तुति से होगी। इसके बाद मंच पर आएंगी बॉलीवुड की लोकप्रिय गायिका स्नेहा शंकर, जो अपनी मधुर आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं।

स्नेहा शंकर “चांद के टुकड़े”, “मेरा महबूब”, “हकूना मटाटा” जैसे गानों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगी। उनकी प्रस्तुति के दौरान लाल परेड ग्राउंड में संगीत, रोशनी और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

तीसरे दिन भी महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन मुख्य आकर्षण रहेगा। उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा प्रस्तुत इस महानाट्य का निर्देशन संजीव मालवीय कर रहे हैं। 150 कलाकारों के दल और 50 तकनीकी सहयोगियों के साथ प्रस्तुत किए जा रहे इस नाट्य में अश्व, रथ, पालकी, ऊंट और एलईडी ग्राफिक्स का प्रयोग कर इसे जीवंत बनाया गया है।

यह नाट्य सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर उनके वीरतापूर्ण अभियानों तक की कहानी दर्शाएगा। वह दौर जब विक्रमादित्य ने शकों और यवनों से भारत को मुक्त कराया था और न्याय, कला, साहित्य व जनकल्याण की नींव रखी थी।

लाल परेड ग्राउंड में दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रदर्शनियां, शिल्प मेला और व्यंजन मेला आम नागरिकों के लिए खुले रहेंगे। ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’, ‘विक्रमादित्य और अयोध्या’, ‘मध्यप्रदेश के मंदिर’, ‘भारत विक्रम’ जैसी प्रदर्शनियां प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करेंगी।

‘एक जिला–एक उत्पाद’ योजना के तहत शिल्प मेला में चंदेरी साड़ी, बुरहानपुर के केले से बने उत्पाद, मुरैना की गजक, रायसेन का बासमती चावल जैसे उत्पाद प्रदर्शित होंगे। वहीं व्यंजन मेले में बुंदेली, बघेली, मालवा, निमाड़, चंबल और जनजातीय व्यंजनों का स्वाद प्रदेशवासी ले सकेंगे। इसके अलावा दोपहर 3 बजे से जनजातीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियां होंगी। जिनमें करमा, परधौनी, भगोरिया, बधाई, गणगौर, और अहिराई जैसे पारंपरिक नृत्य शामिल हैं।

ख़बर दैनिक भास्कर के आधार पर। 

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भोपाल :  ऑनलाइन शॉपिंग में नया खेल...आईफोन वालों के लिए सब महंगा:मोबाइल मॉडल के हिसाब से बदलते हैं दाम; फूड डिलीवरी हो या कार-बाइक राइडसबमें अंतर

हमारा इशारा एक दिलचस्प और हाल ही में चर्चा में आए ट्रेंड की ओर हैडिवाइस-आधारित प्राइसिंग (Device-based pricing)
इसमें कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स, कैब सर्विसेज या -कॉमर्स वेबसाइट्स) यूजर के मोबाइल या डिवाइस के आधार पर कीमतें बदलते हैं यानी अगर आप iPhone से ऑर्डर करते हैं तो दाम ज़्यादा दिख सकते हैं, और वही चीज़ Android या डेस्कटॉप से सस्ती मिल सकती है।

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श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर, विजयनगर: आस्था और भक्ति का केंद्र

भोपाल, 17 जुलाई 2025: लालघाटी क्षेत्र के विजयनगर में स्थित श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो भक्तों की आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रारंभ में एक साधारण मडिया में स्थापित इस मंदिर को क्षेत्रवासियों के आपसी सहयोग और श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर ट्रस्ट के प्रयासों से भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

मंदिर में भगवान शिव, माता दुर्गा, हनुमान जी, भगवान झूलेलाल, साईं बाबा और राजदरबार की प्रतिमाएं विराजमान हैं, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। यहाँ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता के कारण मंदिर की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। 

पिछले सात-आठ वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और मासिक रूप से सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर लगभग 5,000 लोगों के लिए भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें क्षेत्रवासी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा का सप्तशती पाठ, हवन और कन्या भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र की कन्याएं भोजन करती हैं और भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें उपहार प्रदान करते हैं। 

श्रावण मास में प्रत्येक सोमवार को भक्तों द्वारा श्री मृत्युंजय महादेव का फूलों से श्रृंगार किया जाता है, साथ ही पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी होता है। इसके अतिरिक्त, प्रदोष और एकादशी व्रत के अवसर पर महिलाएं भगवान शिव का श्रृंगार और भजन-कीर्तन करती हैं, जिससे क्षेत्र में वर्षभर भक्ति का माहौल बना रहता है। 

वर्तमान में, 13 जुलाई से 19 जुलाई 2025 तक पंडित श्री चंद्रयान उपाध्याय जी के सान्निध्य में शिवपुराण कथा का आयोजन चल रहा है। इसके पश्चात अगस्त माह के प्रारंभ में पार्थिव शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम आयोजित होगा। वर्ष में दो बार भागवत कथा और शिवपुराण कथा का आयोजन भी प्रतिष्ठित पंडितों द्वारा किया जाता है। नवरात्रि के दौरान क्षेत्र की महिलाओं द्वारा गरबा उत्सव का आयोजन भी इस मंदिर की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता जी ने बताया कि मंदिर न केवल धार्मिक आयोजनों का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह मंदिर क्षेत्रवासियों के सहयोग और भक्ति के कारण निरंतर प्रगति कर रहा है और भविष्य में भी इसे और भव्य बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

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सिंधी समाज उत्थान पंचायत विजयनगर द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च निकालकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन
 

भोपाल।। सिंधी समाज उत्थान पंचायत, विजय नगर, लालघाटी, भोपाल द्वारा पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुई निर्दोष नागरिकों की सामूहिक हत्या के विरोध में गहन श्रद्धांजलि सभा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों  विजयनगर, ओमनगर, सावननगर तथा वल्लभनगर से बड़ी संख्या में समाज की माताओं, बहनों और भाइयों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत गंगा सेवा धाम दरबार परिसर में हरि नाम संकीर्तन के साथ हुई, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक भजन-कीर्तन करते हुए देश के लिए बलिदान हुए शहीदों की आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में गमगीन वातावरण के बीच सभी ने मोमबत्तियाँ जलाकर दिवंगत आत्माओं को नमन किया।

सभा के पश्चात सभी नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर एक संगठित कैंडल मार्च निकाला। मार्च के दौरान पाकिस्तान के विरुद्ध जोरदार "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे लगाते हुए जनता ने आक्रोश प्रकट किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। मातृशक्ति ने भी अपनी वीरता का परिचय देते हुए कहा कि यदि देश सेवा का अवसर मिले तो वे भी पाकिस्तान से मुकाबला करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।

इस विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा में पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री रमेश भंबानी, श्री कैलाश शर्मा, श्री अशोक टिलवानी, श्री वासुदेव जेठानी और श्री ओ.पी. पाहुजा ने प्रमुख भूमिका निभाई। सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। पंचायत के सलाहकार श्री हीरानंद गनवानी ने आयोजन की समस्त जानकारी साझा करते हुए बताया कि सिंधी समाज का यह प्रदर्शन शहीदों के सम्मान और देशभक्ति की भावना को समर्पित था।

कैंडल मार्च के दौरान देशभक्ति गीतों ने वातावरण को भावुक कर दिया। हर तरफ "भारत माता की जय" और "वीरों अमर रहो" के उद्घोष गूंजते रहे। आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पूरा समाज आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और देश की रक्षा के लिए हर बलिदान को तैयार है।

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नर्मदापुरम मे बड़ी कार्रवाई तो सीहोर जिले में कीमती सागोंन को लगाई आग

मध्यप्रदेश के दो पड़ोसी जिलों – नर्मदापुरम और सीहोर – में सागौन की अवैध कटाई और तस्करी को लेकर वन विभाग की कार्रवाई में ज़मीन-आसमान का फर्क दिखाई दे रहा है। एक ओर नर्मदापुरम में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीहोर में सरेआम सागौन जलाने जैसी घटनाओं पर विभागीय चुप्पी भ्रष्टाचार की बू दे रही है।

नर्मदापुरम सख्त कार्रवाई की मिसाल

वन परिक्षेत्र बनापुरा की बोरकुंडा बीट से अवैध रूप से काटे गए सागौन के लठ्ठों को पिकअप वाहन से ले जाया जा रहा था। नंदरवाड़ा नाके के पास टायर पंचर हो जाने से लकड़ियाँ वहीं छोड़ दी गईं और आरोपी फरार हो गए।
इस पर नर्मदापुरम के वरिष्ठ अधिकारियो के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के जरिए 15 आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।साथ ही, पिकअप वाहन को जब्त कर राजसात करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

सीहोर वन माफियाओं की बेलगाम तस्करी और आगजनी

नर्मदापुरम की कार्रवाई से बौखलाए सीहोर जिले के भैरूदां क्षेत्र के एक कुख्यात वन माफिया ने अपने पिकअप में लाए सागौन के कीमती लठ्ठों को खेतों में ले जाकर आग के हवाले कर दिया। यह घटना कैमरे में कैद हुई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि सीहोर वन विभाग ने अब तक इस घटना पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। इस चुप्पी के पीछे विभागीय मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।

सूत्रों का खुलासा विभाग और माफिया की साठगांठ?

गोपनीय सूत्रों का दावा है कि सीहोर जिले के कुछ वन अधिकारी और कर्मचारी एक विशेष वन माफिया के साथ आर्थिक संबंध में हैं।

रात के समय लाड़कुई वन परिक्षेत्र से लकड़ी लादकर भैरूदां भेजी जाती है

पूर्व मे एक अधिकारी को इस गतिविधि की शिकायत दी गई थी, लेकिन उसने कार्रवाई के बजाय माफिया को सूचना देकर गोडाउन खाली करवा दिया।जिसका विडियो भी शिकायत देने वाले एवं पत्रकारो के पास सैफ है पर बड़ी बात तो यह कि जब अधिकारी को इसकी शिकायत दी थी तो वह वन माफिया तक कैसी पंहुची उसने तत्तकाल पिकप लगाकर अवैध सागोंन भरकर भाग निकला।वह विडियो भी मोजूद है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल

नर्मदापुरम वन विभाग की तत्परता को प्रशंसा मिल रही है, लेकिन सीहोर विभाग की निष्क्रियता संदेहास्पद है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बावजूद कोई एफआईआर, छापा या पूछताछ तक नहीं हुई है।


जनता के मनमे सवाल

सीहोर जिले में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। भैरूदां के वन माफिया और अधिकारियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच हो, नर्मदापुरम जैसी कार्रवाई सीहोर में भी सुनिश्चित की जाए ताकि सागौन जैसी कीमती वनसंपदा की रक्षा हो सके।
मध्यप्रदेश की वनसंपदा को बचाने के लिए सिर्फ एक जिले की मुस्तैदी काफी नहीं है। जब तक हर जिला वन विभाग पारदर्शिता और कठोरता नहीं अपनाता, तब तक जंगल तस्करों की गिरफ्त में रहेंगे। यह रिपोर्ट शासन, प्रशासन और समाज – सभी से जवाब मांगती है।

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भोपाल / अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश यादव द्वारा प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह की अनुशंसा पर वरिष्ठ भाजपा नेता मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त पूर्व अध्यक्ष मप्र राज्य सिलाई कला मंडल सुनील महेश्वरी को प्रदेश संरक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। सुनील माहेश्वरी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय डॉक्टर मोहन यादव एवं केंद्रीय कृषि मंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान के अत्यंत करीबी मने जाते है। आपकी नियुक्ति से अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के राष्ट्रीय और विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी एवं अधिवक्ता गण श्रीमान न्यायाधीश गण, विभिन्न समाजसेवी संगठन,समाज जन और पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी के लहर छा गई है। सभी ने सुनील माहेश्वरी की नियुक्ति पर उन्हें शुभकामनाओ सहित बधाई दी है।

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