‘जनसेवा’ की आड़ में रेत माफिया को राहत, कोलार नदी पर बना डंपरों का वैकल्पिक पुल जनसेवा’ नहीं, रेत ठेकेदारों की मेहरबानी!रेत परिवहन बाधित होते ही कंपनी ने तैयार कराया अस्थायी मार्ग, मंशा पर उठे सवाल
कोलार नदी पर 24घंटे में तैयार किया गया तथाकथित अस्थायी मार्ग अब एक निर्माण नहीं, बल्कि रेत माफिया की निर्बाध लूट का प्रतीक बनता नजर आ रहा है। जिस रास्ते को शोशल मिडिया एवं मिडिया के साथ “ग्रामीणों की सुविधा” बताकर पेश किया गया, उसकी जमीनी हकीकत यह है कि यह रास्ता सिर्फ और सिर्फ रेत से लदे ओवरलोड डंपरों के लिए बनाया गया।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है.
जनसेवा का यह तमगा एक दिखावा है, असली मकसद रेत परिवहन को बचाना है।पहले पुल तोड़ा, फिर नया रास्ता गढ़ा छिदगांव, बड़गांव, अंबा, बाबरी,दीमावर और खडगांव से जुड़े नर्मदा घाटों पर वर्षों से पनडुब्बियों के जरिए बेरोकटोक रेत खनन चल रहा है। इसी रेत को भारी डंपरों में भरकर कोलार नदी पार कर ले जाया जाता रहा।
वर्ष 2009 में बना कोलार नदी का पुल रेत माफियाओं के ओवरलोड वाहनों का शिकार बनता रहा। प्रशासन ने आंखें मूंदे रखीं, कंपनी ने मुनाफा बटोरा और नतीजा—आज पुल जर्जर, दरारों से भरा और कभी भी ढहने की कगार पर।
जब इस पुल से रेत के डंपर निकलने बंद हुए, तभी अचानक नदी में एक नया अस्थायी मार्ग पैदा हो गया।
ग्रामीणों की जान खतरे में, डंपरों के लिए तैयार रास्ता
सबसे चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि आज भी ग्रामीण टूटे-फूटे पुराने पुल से मजबूरी में गुजर रहे हैं,जबकि नया अस्थायी मार्ग रेत से लदे भारी डंपरों के लिए खुला छोड़ दिया गया है।अगर यह रास्ता सच में ग्रामीणों के लिए था, तो सवाल उठना लाजमी है—क्या ग्रामीण इंसान नहीं हैं? क्या उनकी जान की कीमत एक डंपर रेत से कम है?
क्या पुल की मरम्मत सिर्फ इसलिए नहीं कराई गई क्योंकि उससे रेत परिवहन रुक जाता?
24 घंटे, 30 लाख और प्रशासन की चुप्पी
कंपनी दावा कर रही है कि 25–30 लाख रुपये खर्च कर 24 घंटे में यह पूरा निर्माण कर दिया गया। सवाल यह नहीं कि पैसा कितना लगा, सवाल यह है कि
किसकी अनुमति से नदी में निर्माण हुआ?,पर्यावरण नियमों की धज्जियां किसके संरक्षण में उड़ाई गईं?,क्या प्रशासन इस पूरे खेल से अनजान है या मौन सहमति में शामिल?,ग्रामीणों का आरोप है कि यह निर्माण किसी जनहित योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि रेत कारोबार पर मंडराते संकट को खत्म करने का आपात उपाय है।
जनसेवा के नाम पर जनहित की हत्या
कोलार नदी पर बना यह अस्थायी मार्ग अब ग्रामीणों के लिए खतरा,प्रशासन की निष्क्रियता का सबूत, और रेत माफियाओं को दी गई खुली छूट का उदाहरण बन चुका है।अब सवाल सीधे प्रशासन से है—क्या यह पूरा खेल जांच के दायरे में आएगा?क्या रेत माफियाओं पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी रेत में दबा दिया जाएगा?क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?कोलार नदी का यह अस्थायी पुल अब राहत नहीं, कुछ दिनो मे रेत माफिया राज का स्थायी स्मारक बनता नजर आएगा।
भेरूंदा उत्सव मेला बना अपराधियों का अड्डा।
जेबकतरे बेखौफ, सीसीटीवी सिर्फ दिखावा—30 हजार की चोरी ने खोली सुरक्षा की पोल
सीहोर/भेरूंदा।
भेरूंदा उत्सव मेला अब मनोरंजन का नहीं, बल्कि चोरों, जेबकतरों और अवैध गतिविधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। मेले में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि एक युवक की जेब से करीब 30 हजार रुपये चोरी हो गए, और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई।घटना के बाद जब पीड़ित और अन्य लोगों ने मेला परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की मांग की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। कैमरों में साल 2024 की तारीख चल रही थी, समय गलत दर्ज था, यानी कैमरे तो चालू थे पर साल और समय गलत था। इससे साफ होता है कि मेला प्रबंधन मेले कि अवस्थाओ को छुपाना चाहता है इससे भी अधिक गंभीर बात यह रही कि मेला प्रबंधन ने स्वीकार किया कि कैमरे केवल “डराने के उद्देश्य” से लगाए गए हैं, न कि वास्तविक निगरानी के लिए।
यह बयान सीधे तौर पर जनसुरक्षा के साथ धोखा और शासन की गाइडलाइंस की खुली अवहेलना है। नियमों के अनुसार, मेले में होने वाली किसी भी चोरी, दुर्घटना या जनहानि की पूर्ण जिम्मेदारी मेला प्रबंधन की होती है, लेकिन यहां जिम्मेदारी से बचने का खेल खुलकर खेला जा रहा है।
अवैध गतिविधियों का खुला खेल
सिर्फ चोरी ही नहीं, मेले में कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं—
मेले में रिंग के माध्यम से पैसों का दांव लगाया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से जुआ-सट्टा की श्रेणी में आता है।
खाद्य दुकानों पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य हैं।
अधिकांश खाद्य दुकानों पर फूड लाइसेंस तक मौजूद नहीं, जिससे आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा है।प्रशासन मौन, जनता असुरक्षित हैरानी की बात यह है कि इन तमाम खामियों को लेकर पूर्व में भी खबरों के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।हजारों की संख्या में आम नागरिक, महिलाएं और बच्चे मेले में पहुंच रहे हैं, जहां न सुरक्षा की गारंटी है और न ही कानून का डर। चोरों के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार कौन?क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है?क्या चोरी, हादसे या जनहानि के बाद ही प्रशासन जागेगा?या फिर मेला प्रबंधन और प्रशासन की मिलीभगत में यह सब यूं ही चलता रहेगा अब देखना यह है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या फिर किसी गंभीर घटना के बाद केवल औपचारिक जांच का नाटक किया जाएगा।
भेरूंदा उत्सव मेला बना चोरों का अड्डा, जेबकतरे बेखौफ, सुरक्षा पर सवाल।
सीसीटीवी अपडेट नहीं, सुरक्षा नदारद—भेरूंदा उत्सव मेले में 30 हजार की चोरी।
सीहोर/भेरूंदा।
भेरूंदा उत्सव मेले में अव्यवस्थाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेले में चोरों के सक्रिय गिरोह ने एक युवक की जेब से करीब 30 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना उस समय सामने आई जब युवक मेला भ्रमण के लिए पहुंचा था।
घटना के बाद जब मेला परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की मांग की गई, तो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हो गईं। कैमरों में साल 2024 की तारीख दिखाई दे रही थी, जबकि समय भी सही दर्ज नहीं था। इस संबंध में जब मेला प्रबंधन से सवाल किया गया, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। प्रबंधन ने कैमरे केवल “डराने के उद्देश्य” से लगाए होने की बात कही, ताकि लोग गलत काम न करें।
यह स्थिति मेला प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है, जबकि शासन की गाइडलाइंस के अनुसार मेले में होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि की पूर्ण जिम्मेदारी मेला प्रबंधन की होती है।
सुरक्षा के साथ-साथ मेले में कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
मेले में रिंग के माध्यम से पैसों का दांव लगाया जा रहा है, जो कानूनन अपराध है और जुआ-सट्टा की श्रेणी में आता है।
खाद्य सामग्री की दुकानों पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य हैं।
अधिकांश खाद्य दुकानों पर फूड लाइसेंस भी नहीं पाया गया।
पूर्व में भी खबरों के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया थाइन तमाम खामियों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। हजारों की संख्या में आमजन मेले में पहुंच रहे हैं, जहां उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं और चोरों के हौसले बुलंद हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन गंभीर अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा या किसी बड़ी घटना के इंतजार में है?
जनसंख्या नियंत्रण नीति का खुला उल्लंघन, चार संतान वाले अधिकारी की सेवा समाप्ति की उठी मांग।
नियम तोड़ने के बावजूद विभाग बना रहा मूकदर्शक।
सीहोर : मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2001 से लागू जनसंख्या नियंत्रण नीति का खुला उल्लंघन सामने आया है। मामला सीहोर सामान्य वनमंडल के लाड़कुई परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश चंद्र उइके से जुड़ा है, जिनकी चार संतानें हैं। इनमें दो संतानें वर्ष 2001 और 2006 में जन्मी हैं, जो सीधे तौर पर नीति का उल्लंघन है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी सेवा में रहते हुए न केवल वेतन, भत्तों और पदोन्नतियों का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि विभाग को इस विषय में सूचना होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।*नियमों की अनदेखी*
म.प्र. सिविल सेवा (सामान्य शर्तें) नियम 1961 के नियम 6 और म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 22(4) के अनुसार,यदि कोई अधिकारी 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान का जन्म कराता है, तो वह सेवा में नियुक्ति या पदोन्नति का पात्र नहीं रहेगा।
प्रकाश चंद्र उइके के चार जीवित संतान हैं — जन्म वर्ष क्रमशः 1993, 1995, 2001 और 2006 — जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने सेवा नियमों का उल्लंघन किया है। इसके बावजूद वे 2009 में उप सहायक परिक्षेत्र अधिकारी पद तक पदोन्नत हुए।*विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल*
सूत्र बताते हैं कि यह मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में वर्षों से है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। यही नहीं, दक्षिण सिवनी, दमोह और मंदसौर वनमंडलों में इसी प्रकार के मामलों में शासकीय सेवकों को सेवा से पृथक किया जा चुका है, जबकि प्रकाश चंद्र उइके पर अब तक विभाग मेहरबान बना हुआ है।*शासन तक पहुंचा मामला*
सूत्रों के हवाले से यह भी ज्ञात हुआ है कि यह शिकायत शासन स्तर तक भेजी जा चुकी है। वन विभाग के प्रमुख सचिव, सीसीएफ, पीसीसीएफ सहित संबंधित मंत्री को भी सूचित किया गया है। अब देखना यह है कि क्या शासन इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करता है या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा।
एक नजर यहाँ भी
सेवा क्रमांक: 20669744
पहली संतान: 1993
दूसरी संतान: 1995
तीसरी संतान: 2001
चौथी संतान: 2006
प्रथम नियुक्ति: 1989 (वनरक्षक)
पदोन्नति: 1995 (उप वन परिक्षेत्र अधिकारी), 2009 (उप सहायक परिक्षेत्र अधिकारी)
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की मांग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वनकर्मचारियों के एक वर्ग ने इस प्रकरण में त्वरित कार्यवाही की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित रहेगा और कुछ को राजनीतिक संरक्षण मिलेगा, तो यह नीति और शासन दोनों के साथ विश्वासघात होगा।
मध्यप्रदेश की जनसंख्या नीति और सेवा नियमों के उल्लंघन का यह मामला प्रदेश में मिसाल बन सकता है — बशर्ते शासन निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही करे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह आगे चलकर शासन की नीति की गंभीरता और विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े करेगा।
भैरूंदा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अडीबाजी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध दो दर्जन से अधिक मामले है पूर्व से पंजीबद्ध
आरोपी के विरुद्ध 2018 के अपराध में जारी था स्थाई वारंट।।आरोपी के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के साथ ही जिला बदर की कार्यवाही भी की जा रही हैं।
घटना का विवरण – दिनांक 13.05.25 को फरियादी अरुण राजपूत पिता माधव राजपूत उम्र 22 साल निवासी ग्राम सोठिया ने रिपोर्ट किया कि जावेद खान से उसे भूसा कटाई के पैसे लेने थे जब उसने पैसे मांगे तो जावेद खान उसी बात पर से मां बहन की गंदी गंदी गालियां देकर हाथ मुक्को से मारपीट करने लगा और अङीबाजी करके फरियादी से शराब पीने के लिए रुपए मांगने लगा मना करने पर जान से मारने की धमकी दी फरियादी की रिपोर्ट पर से अपराध धारा 119(1), 333,296, 115(2),351(3) बीएऩएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।।पुलिस कार्यवाही–
सीहोर पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला के द्वारा प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति सुनीता रावत व एसडीओपी श्री दीपक कपूर के मार्गदर्शन प्राप्त कर थाना प्रभारी भैरूँदा द्वारा अपराध क्रमांक अपराध क्रमांक 271/25धारा – 119(1), 333,296,115(2),351(3) बीएनएस में आरोपी जावेद पिता नसीर खा की तलाश हेतु टीम गठित की गयी। आरोपी की तलाश हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया व तकनीकी सहायता प्राप्त की जिसके परिणाम स्वरुप रिपोर्ट पंजीबध्द होने के 24 घण्टे के भीतर दिनांक 14.05.25 को ग्राम सोंठिया से पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई। तत्पश्चात आरोपी जावेद पिता नसीर खा उम्र 38 साल निवासी सोठिया को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया ।आरोपी के विरुद्ध सन 2018 के आर्म्स एक्ट के मामले में माननीय न्यायालय से स्थाई वारंट जारी था जिसमें भी आरोपी की गिरफ्तारी की गई हैं।
आरोपी के विरुद्ध पूर्व से मामले पंजीबद्ध होने से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है एवं आरोपी का जिलाबदर प्रकरण भी तैयार किया जा रहा है।
सामूहिक विवाह सम्मेलनों से वित्तीय मितव्ययता को मिल रहा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लाड़ली लक्ष्मी और कन्यादान जैसी योजनाएं कुशलतापूर्वक हो रहीं संचालित: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री सीहोर के भेरूंदा में 572 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र में 170.42 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन
सीहोर, 10 मई, 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री काल में मध्यप्रदेश बिजली आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था में आत्मनिर्भर बना। प्रदेश के गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा है। यह सिर्फ सामूहिक विवाह सम्मेलन का प्रसंग नहीं है, आज यहां बुधनी विधानसभा में विकास कार्यों को गति देने के लिए 170.42 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। यह इस क्षेत्र के विकास की ओर बढ़ाया गया एक और नया कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र के भेरूंदा स्थित ग्राम पिपलानी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में क्षेत्रीय जनजातीय (गोंड) समाज के 572 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बेटियों का विवाह कठिन प्रसंग होता था। बेटी की शादी के लिए गरीबों और किसानों को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ती थी, लेकिन केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले चंदा जुटाकर गरीब कन्याओं का विवाह कराने की शुरुआत की। बाद में शासन स्तर पर योजना तैयार की गई और सामूहिक विवाह सम्मेलनों की शुरुआत हुई। आज समाज का हर वर्ग इस योजना के जरिए न केवल फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से बच रहा है, वरन् सामूहिक विवाह सम्मेलनों से समाज में वित्तीय मितव्ययता की प्रवृत्ति को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। सनातन समाज में विवाह केवल दूल्हा-दुल्हन का रिश्ता नहीं है, यह दो परिवारों के लिए भी एक नए संबंध की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधनी में फोरलेन, मेडिकल कॉलेज और गारमेंट कारखाने स्थित हैं। सलकनपुर में देवीलोक का विकास कार्य भी प्रगति पर है। शुक्रवार को ही दमोह के बांदकपुर में भी देवश्री जागेश्वर महादेव लोक का भूमि-पूजन किया गया है। हमारी सरकार केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रारंभ सभी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। बुधनी क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है, जिसमें किसानों को 25 से 33 प्रतिशत अनुदान भी मिल रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने हर ब्लॉक में एक गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम बनाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत एक शक्ति संपन्न देश है, जो किसी भी दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक बार नहीं तीन-तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक की हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों का सुहाग उजाड़ा है। अब ऑपरेशन सिंदूर से आतंकी और उनके ठिकानें ध्वस्त किए जा रहे हैं। भारत की शक्ति को दुनिया देख रही है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री ने पिपलानी में उप स्वास्थ्य केंद्र का भी लोकर्पण किया।
भारत अद्भुत देश है, शहनाई के साथ सीमा पर नगाड़े भी बज रहे : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान
केंद्रीय कृषि विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत देश अद्भुत है, जहां शहनाइयों के साथ-साथ सीमा पर नगाड़े भी बज रहे हैं। भारत की ओर कोई आंख उठाकर देखेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि आज हमारे नवदम्पत्ति भी भारतीय सेना के साथ खड़े हैं। विवाह एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें मिलकर चलना पड़ता है। बेटियों के साथ संकल्प लीजिए कि हम सब देशवासी सरकार और सेनाओं का साथ देकर उनका मनोबल बढ़ायेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी, लाडली बहना और कन्यादान योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाएं बखूबी संचालित हो रही हैं, जो पिछली सरकार में शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधनी विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत किसी पर हमला नहीं करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा था कि निर्दोष भारतीयों का खून बहाने वालों को मिट्टी में मिला देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सेनाएं दुश्मन को माकूल जबाव दे रही हैं। सीमा पर जवान तैनात हैं तो खेतों में हमारे किसान खड़े हैं। उन्होंने कहा कि देश के अनाज भंडार खाद्यान्नों से भरे पड़े हैं, देशवासी कतई चिंता न करें और अपनी सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े रहें। उन्होंने कहा कि जब देश के सम्मान का सवाल आता है, तो चैन से नहीं बैठा जा सकता है। हम भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे, लेकिन अपनी संप्रुभता और सम्मान हर हाल में बनाए रखेंगे।
राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गरीब, किसान और हर वर्ग के नागरिकों के बच्चों का नि:शुल्क विवाह हो रहा है। इस योजना समाज को आर्थिक शक्ति और संबल प्रदान करती है। इस अवसर पर बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव ने भी संबोधित किया।
इन कार्यों की मुख्यमंत्री ने की घोषण
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पिपालानी में रामनिवास यादव के घर से आपसिंह बारेला के घर तक, पतिराम उइके के घर से सोहन धुर्वे के घर तक, रामदेव कुमरे के घर से भोंगी बारेला के घर तक, राजू गोंड के घर से रोड़ तक तथा बेडापानी आश्रम एवं भूरिडेरा मार्ग तक एक-एक किलोमीटर आरसीसी सड़क निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने 150 बाय 150 का सामुदायिक भवन निर्माण की घोषण की।
बुधनी उपवन मंडल अधिकारी के नेतृत्व मे बड़ी कार्रवाई, सागौन कि तस्करी में पिकअप वाहन सहित दो गिरफ्तार।।
सिहोरे, बुधनी, भेरूंदा
सीहोर जिले के बुधनी वन परिक्षेत्र में शनिवार शाम को वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सागौन की लकड़ियों से भरे पिकअप वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई उपवन मंडल अधिकारी सुकृति ओसवाल के नेतृत्व मे एक टीम गठीत कि गई थी जिसमें वनकर्मियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 146 बी पर वर्धमान फैक्ट्री के समीप मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पिकअप वाहन (क्रमांक MP 37 ZD 9967) को रोका।
तलाशी के दौरान वाहन में कुल 27 नग सागौन की सिल्लियां पाई गईं, जिनका बाजार मूल्य लगभग ₹50,000 आंका गया है, जबकि जब्त वाहन की कीमत लगभग ₹5 लाख बताई जा रही है। वाहन में सवार दो व्यक्तियों—अंतिम राठौड़ (उम्र 27 वर्ष) एवं गौतम कहार, निवासी भेरूंदा ।—को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पिकअप सागौन की सिल्लियों को लेकर नर्मदापुरम की ओर जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक पिकप वाहन भैरूदां के वन माफिया हरीश पंजाबी के अंडर मे चल रही थी जो मध्यप्रदेश सहीत अन्य राज्यों मे सागोंन का परिवहन करने मे उपयोग कि जाती है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी उसे बचाने मे लगे है क्योंकि हरीश पंजाबी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश चंद उइके के करीबी संबध बताए जा रहे है। दोनो के काल डिटेल्स, सीडीआर कि जांच हो जाए तो हो सकता है बड़ा खुलासा हालाकी हम इस बात कि पुष्टी नही करते है। जब हमने वन परिक्षेेत्र अधिकारी प्रकाश चंद उइके से जानकारी लेने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर फोन लगाया तो उन्होंने काल रिसीव नही किया।
बुधनी एवं लाड़कुई वन परिक्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय माफियाओं द्वारा सागौन की अंधाधुंध कटाई और अवैध परिवहन की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अवैध गतिविधि में कुछ वन अधिकारी एवं कर्मचारियों की संलिप्तता भी रही है, जिनके संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि हाल ही में नर्मदापुरम में हुई एक कार्रवाई के बाद भेरूंदा के सोटिया गांव में एक वन माफिया द्वारा गोडाउन के पास खेत में भारी मात्रा में सागौन की लकड़ियों को जलाया गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व में भी लाड़कुई के वन परिक्षेत्र अधिकारी को कई बार सूचना देने के बावजूद कार्रवाई करने के बजाय माफियाओं को अलर्ट किया गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाशचंद उइके, जो लाड़कुई में पहले से तैनात हैं, उन्हें अब बुधनी वन परिक्षेत्र की जिम्मेदारी भी दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार, श्री उइके सीहोर जिले के ही निवासी हैं, और उनके वन माफियाओं से गहरे संबंध होने के भी आरोप लग रहे हैं। अगर इनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इस पूरे मामले ने सीहोर जिले में वन विभाग की कार्यप्रणाली और उसके कुछ अधिकारियों की निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग को चाहिए कि वह अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाते हुए सख्त और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
भेरूंदा के जे.पी. मार्केट मे लगी भीषण आग, तीन दुकानो का सामान जलकर हुआ खाक –स्थानीय दमकल देखती रही तमाशा
सीहोरः केंद्रीय कृषि मंत्री और 20 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान के गृह और संसदीय क्षेत्र के भेरूंदा में आग से 3 दुकानें जलकर खाक हो गई!भैरूदां नगर परिषद कि दमकल खराब हुई। तो बाहर से बुलानी पड़ी दमकले,वहां पूरा बाजार धू-धू कर जलता रहा।आग में सिर्फ कई लोगों की रोजी रोटी ही स्वाहा नहीं हुई, बल्कि भाजपा के विकास का झूठ भी आम जनता के बीच उजागर होता नजर आया है!*
क्या था पूरा मामला देखें भेरूंदा नगर का हृदयस्थल कहे जाने वाला जे.पी. मार्केट धू-धू कर जलता रहा, और नगर परिषद की दमकल गाड़ी मौके से कुछ दूरी पर आकर खराब हो गयी और खड़ी खड़ी तमाशा देखती रही। स्थानीय दमकल की असफलता के चलते आग पर काबू पाने के लिए आसपास के शहरों से दमकलें बुलानी पड़ीं, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद देर रात तक आग पर काबू पाया। इस भयावह अग्निकांड में तीन दुकानें – जे.पी. लखेरा, सत्तार भाई जूते-चप्पल की दुकान, और ब्रजमोहन लौया की दुकान – पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। यह न केवल व्यापारियों की जीवनभर की पूंजी का नुकसान है बल्कि भेरूंदा के विकास मॉडल पर भी एक करारा तमाचा है। यह घटना केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में हुई है, जहां स्थानीय दमकल सही हालत में नहीं थे।यदि यह घटना आधी रात को हो जाती तो शायद पूरा बाजार स्वाहा हो जाता।इस विकट स्थिति में जिले के कलेक्टर ,SP, के मार्गदर्शन मे अनेक थानो कि पुलिस टीम एवं अन्य स्टाफ ने अपनी जान जोखिम में डालकर मदद की, साथ ही आसपास के नगरों की फायर ब्रिगेड टीमों ने बहुमूल्य योगदान दिया। नगर पंचायत के कर्मचारी एवं नगर के जागरुक लोग भी अंत तक आग बुझाने में जुटे रहे।लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि नगर परिषद की अपनी दमकल गाड़ी आखिर क्यों खराब थी? इसका जिम्मेदार कौन है? क्या ये लापरवाह नगर परिषद का सच नहीं है?आज सिर्फ तीन दुकानें नहीं जलीं, भाजपा के विकास' का दावा भी जलकर खाक हो गया।व्यापारियो का कहना है आम नागरिक और नगरवासी इस दुख की घड़ी में एकजुट हैं और व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। प्रशासन से मांग है कि दमकल व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए,आग से प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक राहत दी जाए,दोषियों पर कार्रवाई हो और जवाबदेही तय हो। ये सिर्फ आग नहीं थी,ये सिस्टम की नाकामी का काला धुआं था।
भैरूदां के जंगलों में 'हरियाली' का क़त्ल – सागौन की लकड़ियों से जल रही ईमानदारी, वन विभाग बना मूक दर्शक
सीहोर/भैरूदां।
भैरूदां तहसील के जंगलों में इन दिनों हरियाली नहीं, साजिशें लहलहा रही हैं। सागौन जैसी बहुमूल्य और संरक्षित लकड़ी का अवैध व्यापार खुलेआम चल रहा है, और चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ वन विभाग की अनदेखी नहीं, बल्कि संभावित संरक्षण में हो रहा है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तब जंगलों का उजड़ना तय है।
सूचना दी गई, लेकिन पहुंची ‘सूचना’ माफिया तक!
सोमवार की रात 9:37 बजे, एक जागरूक नागरिक ने लाड़कुई रेंज के रेंजर प्रकाश चंद्र उइके को सोटिया गांव के पास एक गोदाम में अवैध सागौन चिराई की सूचना दी। महज 27 मिनट बाद, 10बजकर चार मिनट पर गोदाम से पिकअप वाहन फरार हो गया – कैमरे में कैद ये दृश्य अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। सवाल ये नहीं कि वन अधिकारी क्यों नहीं पहुंचे, सवाल ये है कि माफिया तक खबर कैसे पहुंची?
11:40 बजे तक नहीं पहुंचा विभाग – चलती रही सिल्लियां, जलता रहा विश्वास
रात 10:56 पर सीसीएफ राकेश खरे को भी सूचना दी गई। उन्होंने कहा – "मैं डीएफओ को बताता हूं।" लेकिन 11:40 बजे तक न कोई टीम पहुंची, न कोई रोक-टोक। गोदाम में सागौन की सिल्लियां बनती रहीं, और कानून मज़ाक बनकर धुएं में उड़ता रहा।
वन माफिया से सेटिंग की चर्चा, अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सूत्रों की मानें तो रेंजर श्री उइके की वन माफिया से ‘मोटी डील’ हुई थी, जिसके चलते उन्होंने कार्रवाई से आंखें मूंद लीं। यदि इन अधिकारियों और माफियाओं के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स और CDR की जांच की जाए, तो सिस्टम की असली तस्वीर सामने आ सकती है – एक ऐसी तस्वीर, जो ईमानदारी के मुखौटे में छुपे भ्रष्ट चेहरे को बेनकाब कर दे।
गोदाम में ही नहीं, खेत में भी जलाई गई हरियाली
गत दिनो जब नर्मदापुरम जिले की टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो डर से माफियाओं ने भैरूदां के सोटिया गांव से लगे गोदाम के पास खेत में पेट्रोल डालकर सागौन की सिल्लियां और लट्ठे जला दिए। यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ और वायरल हुआ – लेकिन सीहोर के वन अमले को सांप सूंघ गया। नीचे से लेकर उपर तक के तमाम अधिकारियो को जानकारी होने के बाद भी कोई अभी तक जांच नही हुई इतना ही नही सागोंन को चीरने काटने वाले आरे कि तस्बीर भी सामने आई।
“गले-गले तक खिलाया है” – माफिया की धमकी बन रही सच्चाई!
सूत्रो का एक चौंकाने वाला दावा यह भी है कि सीहोर जिले का एक बड़ा माफिया खुलेआम कहता है – “मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, मैंने गले तक पैसे खिला रखे हैं।” क्या ये बात सिर्फ डींग है, या अफसरों की चुप्पी इसका प्रमाण?
नर्मदापुरम की कार्रवाई बनी आईना – सीहोर की चुप्पी बनी शर्म
नर्मदापुरम की टीम ने जहां साहस दिखाया और 15 तस्करों को गिरफ्तार कर वाहन जब्त किया, वहीं सीहोर का पूरा वन अमला न सिर्फ नदारद रहा, बल्कि माफियाओं की हिफाजत में खड़ा दिखा। क्योंकि जिन 10 से ज्यादा गिरफ्तार तस्करों की पहचान हुई, वे सीहोर जिले के ही थे।
अब सवाल सरकार से – ये ‘हरियाली’ माफिया चला रहे हैं या आपके अफसर?
क्या मुख्यमंत्री, वन मंत्री और प्रमुख सचिव इस मामले को देखेंगे? क्या PCCF और CCF सच्चाई उजागर करने का साहस दिखाएंगे? या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रिश्वत की राख में बुझ जाएगा?
अब नहीं जागे तो जंगलों के साथ ईमानदारी भी जल जाएगी!
यह खबर सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं है, यह जंगल की कराह है, जो उन माफियाओं और अफसरों के गठजोड़ से उजड़ रहा है जिनका कर्तव्य था उसे बचाना।आप हमारे साथ लगातार वने रहे हम सीहोर जिले के वन माफिया और वन विभाग कि हकीकत से पर्दा उठाकर परत दर परत खबर दिखाते रहेगें..
भैरूंदा पुलिस थाना द्वारा कृषि उपज मण्डी भैरूंदा मे इलेक्ट्रानिक तौल कांटा में चिप लगाकर धोखाधड़ी करने वाली गैंग का किया पर्दाफाश
घटना मे शामिल पांच आरोपी गिरफ्तार
आरोपीगण वजन कम ज्यादा कर धोखाधडी कर कमा रहे थे मुनाफा
आरोपियों के कब्जे से आरएफ चिप, रिमोट सहित अन्य गैजेट किए गए जप्त
घटना मे प्रयुक्त दो चार पहिया वाहन एवं सोयाबीन कुल कीमत करीबन 17 लाख का मशरूका जप्त
दिनांक 01.03.2025 को फरियादी सचिव कृषि उपज मण्डी विलियम जार्ज पिता स्व श्री बेंजामिन जार्ज उम्र 56 वर्ष निवासी शास्त्री काँलोनी भैरूंदा व्दारा एक लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि अनाज मण्डी में स्थापित बङा इलेक्ट्रानिक तौल कांटा में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रात्रि मे मण्डी मे घुसकर डिवाइस लगाकर इलेक्ट्रानिक तौल कांटे से छेङछाङ कर अनाज तौल में छेङछाङ कर धोखाधड़ी की गयी है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाने पर अपराध क्रमांक 110/25 धारा 318 (4), 331 (4), 3(5) बीएनएस का पंजीबध्द किया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीहोर पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला द्वारा अनाज मण्डी मे स्थापित बडे तौल कांटे मे छेङछाङ कर धोखाधडी करने वाले अज्ञात आरोपीगण की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्य़वाही करने के निर्देश दिए गए। निर्देशो के पालन में अति.पुलिस अधीक्षक श्री गीतेश गर्ग व एसडीओपी श्री दीपक कपूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भैरूंदा घनश्याम दांगी द्वारा एक टीम गठित की गई थी। गठित पुलिस टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं नगर मे लगे सीसीटीव्ही कैमरे के माध्यम से अज्ञात आरोपीगणो की पहचान स्थापित की गई एवं दिनांक 04.03.2025 को मुखबीर की सूचना के आधार पर बजरंगकुटी के पास से अज्ञात आरोपीगणो को हिरासत मे लिया गया। जिनसे पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किया गया एवं घटना मे प्रयुक्त रिमोर्ट कन्ट्रोल, चिप, आयरन सोल्डर मशीन, अनाज खरीदने- बेचने की पर्चिया, 17 क्वंटल सोयाबीन, मोबाईल फोन, पंच कार क्रमांक MP 09 ZV 1098, लोडिंग पिकअप क्रमांक MP 41 LA 2513 आरोपीगण के कब्जे से जप्त किया गया। आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया। प्रकरण मे अन्य आरोपियो को भी चिन्हित किया गया है। जिनके विरूद्द भी जल्द ही वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
आरोपिगणो द्वारा कृषि उपज मण्डी भैरूंदा में स्थापित बडे इलेक्ट्रानिक तौल कांटे में योजनाबद्ध तरीके से आरएफ चिप लगाई थी। चिप लगाने के पश्चात आरोपीगण किसानो से अनाज की बोली लगने के बाद किसान को बोली से अधिक दाम देने का लालच देकर अनाज खरीदते थे एवं तौल के दौरान रिमोट कन्ट्रोल की मदद से वजन को कम कर देते थे। खरीदे हुए अनाज को किराये से लिए गए गोडाउन मे रखते थे एवं अपनी पिकअप गाडी से भरकर मण्डी में तुलवाने के दौरान पुनः वजन बढाकर अवैध लाभ प्राप्त करते थे।
1. आरोपी यौगेन्द्र चौहान पिता सतपाल चौहान उम्र 24 साल निवासी पाटीदार कालोनी शुजालपुर मण्डी जिला शाजापुर
2.आरोपी रंजित पिता कमल सिह राजपूत उम्र 29 साल निवासी पाटीदार कालोनी शुजालपुर मण्डी जिला शाजापुर
3.आरोपी राजेन्द्र चौहान पिता सतपाल चौहान उम्र 21 साल निवासी पाटीदार कालोनी शुजालपुर मण्डी जिला शाजापुर
4.आरोपी सूरज सौलंकी पिता बब्लु सौलंकी उम्र 24 साल निवासी सावेर रोड धरमपुरी इंदौर
5.आरोपी किशोर माली पिता लक्ष्मी नारायण माली उम्र 35 साल निवासी सावेर रोड धरमपुरी इंदौर
रिमोर्ट कन्ट्रोल, चिप, आयरन सोल्डर मशीन, अनाज खरीदने- बेचने की पर्चिया, मोबाईल फोन, 17 क्वंटल सोयाबीन कीमती करीबन 80,000, पंच कार क्रमांक MP 09 ZV 1098 कीमती करीबन 06 लाख, लोडिंग पिकअप क्रमांक MP 41 LA 2513 कीमती करीबन 10 लाख कुल मशरूका कीमती करीबन 17 लाख रूपये का मशरूका जप्त किया गया।